मेरे विचार-

मेरे विचार-----आज के तार्किक युग मे किसी विषय वस्तु पर तर्क कुतर्क की प्रवृत्ति मनुष्य को मन, वचन, कर्म से पवित्र रखने मे बाधक होकर मानसिक,आर्थिक, शारीरिक कष्ट का अहसास कराती…

“ईश्वरः सर्वभूतानां”

मेरे विचार-----कण कण मे व्याप्त सर्वव्यापी ईश्वर दिखाई नहीं देता जैसे वातावरण में वायु,फूलो मे सुगंध, बीज मे वृक्ष, तिल मे तेल, गन्ने मे गुड़, दूध मैं घी किन्तु उनका आभास…

शक्ति-शक्तिमान

जै श्री कृष्ण----(शक्ति-शक्तिमान) परमपिता परमेश्वर जो सर्वशक्तिमान है उसी का एक स्रोत उद्भव शक्ति है, वैज्ञानिक पदार्थों से शक्ति, शक्ति से साधन,साधन से सुविधा, सुविधा से सुख ( भौतिक) की…

ब्रम्हमुहूर्त

जै श्रीकृष्ण--(ब्रम्हमुहूर्त) का अर्थ है ब्रम्ह यानी परमसत्ता, ईश्वर, प्रकृति ,आदि ज्ञान को जानना और मुहूर्त समय को कहते हैं! इस समय मे देव लोक से प्राण वायु का संचरण…