शक्ति-शक्तिमान

जै श्री कृष्ण----(शक्ति-शक्तिमान) परमपिता परमेश्वर जो सर्वशक्तिमान है उसी का एक स्रोत उद्भव शक्ति है, वैज्ञानिक पदार्थों से शक्ति, शक्ति से साधन,साधन से सुविधा, सुविधा से सुख ( भौतिक) की…

ब्रम्हमुहूर्त

जै श्रीकृष्ण--(ब्रम्हमुहूर्त) का अर्थ है ब्रम्ह यानी परमसत्ता, ईश्वर, प्रकृति ,आदि ज्ञान को जानना और मुहूर्त समय को कहते हैं! इस समय मे देव लोक से प्राण वायु का संचरण…

भोग और मोक्ष

जय श्री कृष्ण---(भोगऔरमोक्ष) ज्योतिष एवं शास्त्रीय दृष्टि से शरीर तीन प्रकार का है! स्थूल शरीर---यह यहीं पंच तत्व मे विलीन हो जाता है ! लिंग शरीर--यह दशेन्द्रिय ,मन, बुद्धि का…

तुलसी ममता राम सों, समता सब संसार!राग न रोष न रोग दुःख, दास भए भाव पार!!

"तुलसी ममता राम सों, समता सब संसार!राग न रोष न रोग दुःख, दास भए भाव पार!!" जो ब्रम्हज्ञानी हैं जिनके हर पल मे वाणी, कर्म और गुण मैं राम (ब्रम्ह)…